Sep २५, २०२० १३:१६ Asia/Kolkata
  • डिक्टेटरों से है ख़ास मुहब्बत, हमेशा वाइट हाउस में बने रहने का सपना देख रहे हैं अमरीकी राष्ट्रपति...ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध और अमरीका में गृहयुद्ध की आग लगा सकते हैं ट्रम्प!

ट्रम्प ने अपनी मंशा बयान करते हुए आन द रिकार्ड पत्रकारों की भीड़ में कहा कि शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण नहीं होगा बल्कि उनकी सत्ता आगे भी जारी रहेगी। इसका मतलब यह है कि ट्रम्प को अपने डिक्टेटर साथियों को देखकर जलन हो रही है और वह भी ख़ुद को इसी पोज़ीशन में देखना चाहते हैं।

यह इस बात का इशारा है कि ट्रम्प चुनाव हार जाने की स्थिति में परिणामों को स्वीकार नहीं करेंगे और साथ ही उनके समर्थक सड़कों पर उतरकर हंगामा करेंगे। ट्रम्प ने कहा कि यदि वह चुनाव हारे तो इसका मतलब है कि गड़बड़ी हुई है। ट्रम्प शायद वाइट हाउस में आजीवन सत्ता का सपना देख रहे हैं।

आने वाले तीन नवम्बर को चुनाव होने है और उससे पहले बाक़ी बचे दिन अमरीका की सुरक्षा, स्थिरता व अखंडता के साथ ही पूरी दुनिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण और ख़तरनाक हैं। अमरीका में वह हालात पैदा हो रहे हैं कि अगर वहां गृह युद्ध शुरू हो जाए तो हैरत नहीं होगी।

लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण पैमाना यही है कि बैलेट बाक्स के ज़रिए सबसे बड़ा फ़ैसला होता है और सत्ता का हस्तांतरण हो जाता है।

अमरीका में इस समय नस्लवादी टकराव की स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े 490 अधिकारियों ने हस्ताक्षर करके एलान किया है कि वह जो बाइडन का समर्थन करते हैं। इनमें बड़े जनरल, पेंटागोन के पूर्व अधिकारी और बहुत से डिपलोमैट शामिल हैं। उनका कहना है कि ट्रम्प राष्ट्रपति पद के योग्य नहीं है क्योंकि वह झूठे और घमंडी इंसान हैं और उनके रवैए की वजह से अब अमरीका के घटक भी अमरीका पर भरोसा करने के लिए तैयार नहीं हैं।

इस समय ट्रम्प बड़ी हताशा और निराशा के दौर से गुज़र रहे हैं। उन्हें अपनी शिकस्त का जितना डर है उतना डर शायद कभी किसी अमरीकी राष्ट्रपति को नहीं रहा होगा। इसलिए कोई भी अनुमान नहीं लगा सकता कि ट्रम्प क्या हरकत कर बैठेंगे? ट्रम्प की अब कोई विश्वस्नीयता बची ही नहीं है जिसे वह गवांएंगे। दुनिया भर में उन्हें नफ़रत की नज़र से देखा जाता है। फ़ार्स खाड़ी के अरब नेता भी ट्रम्प को नापसंद करने लगे हैं मगर वह ट्रम्प से भयभीत भी हैं कि कहीं वह उनके ख़िलाफ़ कुछ न कर बैठें। इसलिए यह देश ट्रम्प के इशारे पर अरबों डालर ख़र्च करने के लिए तैयार हैं।

आने वाले दिनों के ख़तरनाक होने की बात हम इसलिए कह रहे हैं कि हमारे इस इलाक़े यानी पश्चिमी एशिया के इलाक़े में ट्रम्प हो सकता है कि कोई भयानक कार्यवाही कर बैठें। ख़ास तौर पर ईरान के ख़िलाफ़ वह कोई मूर्खतापूर्ण क़दम उठा सकते हैं ताकि चुनाव टल जाएं या उनका समर्थन बढ़ जाए।

वाशिंग्टन पोस्ट ने वह सारे झूठ नोट किए हैं जो राष्ट्रपति बनने के बाद से ट्रम्प ने बोले हैं और इसकी संख्या 20 हज़ार तक पहुंच गई है। इनमें एक हज़ार झूठ तो कोरोना वायरस के बारे में उन्होंने बोले। उनका शायद सबसे ख़तरनाक झूठ वह है जो कुछ दिन पहले उनके ट्वीट में नज़र आया। ट्रम्प ने लिखा कि ईरान कुछ ही महीनों में परमाणु बम बना लेगा और अमरीका ईरान को एसा नहीं करने देगा। हमें तो लगता है कि सऊदी नरेश सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ ने राष्ट्र संघ महासभा के अधिवेशन को संबोधित करते हुए ईरान पर जो तेज़ हमला किया और आरोपों की बौछार कर दी वह ट्रम्प की किसी ख़तरनाक योजना का हिस्सा है।

वाइट हाउस में बने रहने के लिए ट्रम्प अपना हर हथकंडा इस्तेमाल करेंगे और उन्हें इस्राईली प्रधानमंत्री नेतनयाहू और ज़ायोनी नेताओं का भरपूर समर्थन भी हासिल है। ट्रम्प इस समय बिगड़ैल सांड हो गए हैं और हर तरफ़ हमले के लिए दौड़ रहे हैं। इस तरह हो सकता है कि वह अपनी और अपने समर्थकों की प्यास किसी हद तक बुझा लें मगर वह अमरीका को भी ध्वस्त करके रख देंगे जैसे हिटलर ने जर्मनी को बर्बाद किया था, उसे बांट दिया था और सारी दुनिया को उसके ख़िलाफ़ एकजुट कर दिया था।

अब्दुल बारी अतवान

अरब जगत के विख्यात लेखक व टीकाकार

 

टैग्स

कमेंट्स