Sep २६, २०२० १०:२२ Asia/Kolkata
  • पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का बयान, भारत हिन्दु राष्ट्र की ओर बढ़ रहा है

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का कहना है कि भारत एक मात्र देश है जहां सरकार की निगरानी में इस्लामोफ़ोबिया का पालन पोषण हो रहा है।

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के 75वें अधिवेशन से वर्चुअल संबोधन में कहा कि इसकी वजह आरएसएस का दृष्टिकोण है जो दुर्भाग्य से आज भारत पर सत्तासीन है, इस दृष्टिकोण का गठन 1920 के दशक में हुआ था।

इमरान ख़ान का कहना था कि आरएसएस के संस्थापक, नाज़ियों से प्रभावित थे, आरएसएस मुसलमानों को निशाना बनाता है और किसी हद तक ईसाईयों को भी निशाना बनाता है।

उनका कहना कि मेरा मानना है कि भारत केवल हिन्दुओं के लिए है और दूसरे बराबर के नागरिक नहीं हैं।

इमरान ख़ान ने कहा कि गांधी और नेहरू के सेक्युलरिज़्म की जगह हिन्दु राष्ट्र बनाने के सपने ने ले ली है और यहां तक कि 20 करोड़ मुसलमान और अन्य अल्पसंख्यकों को ख़त्म करके हिन्दु राष्ट्र बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि 1992 में बाबरी मस्जिद को शहीद किया गया और 2002 में लगभग 2 हज़ार मुसलमानों का जनसंहार मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किया गया।

उन्होंने कहा कि 2007 में आरएसएस के ग़ुंडों ने समझौता एक्सप्रेस पर सवार 50 से अधिक मुसलमानों को ज़िंदा जला दिया।

उनका कहना था कि असम में सीएए द्वारा 20 लाख मुसलमानों को ज़बरदस्ती नागरिकता से वंचित किए जाने का ख़तरा है।

इमरान ख़ान ने कहा कि सूचना है कि मुसलमान नागरिकों की बड़ी संख्या को डिटेंशन कैंपों में भेजा जा रहा है, मुसलमानों को कोरोना वायरस फैलाने के झूठे आरोपों के अंतर्गत बदनाम करने के साथ साथ निशाना भी बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत में मुसलमानों को कभी कभी चिकित्सा सहायता से भी वंचित रखा जाता है और उनके कारोबार का बहिष्कार किया जाता है।

इमरान ख़ान ने कहा कि गऊरक्षक दल मुसलमानों पर बेख़ौफ़ हमले कर रहे हैं, उनकी हत्या कर रहे हैं, नई दिल्ली में पिछले फ़रवरी में पुलिस की मिलीभगत से मुसलमानों को चुन चुन कर मारा गया।

उन्होंने कश्मीर के बारे में कहा कि भारत ने 72 वर्षों से जम्मू कश्मीर पर ग़ैर क़ानूनी क़ब्ज़ा कर रखा है। उनका कहना था कि भारत ने कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करके सैनिकों की संख्या 9 लाख कर दी जिससे 80 लाख कश्मीरी घिर कर रह गये। (AK)

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