Sep २६, २०२० २२:५१ Asia/Kolkata
  • आतंकवादी देशों की सूची से सूडान को निकालने के लिए अमरीका ने रखी शर्त

आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों की सूची से मुस्लिम अफ़्रीकी देश सूडान का नाम हटाने के लिए अमरीका, इस्राईल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने का समझौता करने का दबाव डाल रहा है।

इस मामले की जानकारी रखने वाले सूडान के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने रॉयटर्स न्यूज़ एजेंसी को बताया कि उनका देश इन दोनों विषयों को आपस में जोड़ने का विरोध कर रहा है।

एक अधिकारी ने नाम ज़ाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि सूडान ने सभी ज़रूरी शर्तें पूरी कर ली हैं, और हम उम्मीद करते हैं कि हमारे देश को जल्द ही इस काली सूची से हटा दिया जाएगा।

अमरीका ने 1993 में सूडान को आतंकवाद समर्थक देशों की सूची में डाल दिया था, जिसके बाद उसे वित्तीय बाज़ारों से काट दिया और उसकी अर्थव्यवस्था का गला घोंट दिया।

पिछले साल लम्बे समय तक सूडान की सत्ता पर क़ब्ज़ा जमाने वाले नेता उमर अल-बशीर के शासन के ख़िलाफ़ विशाल प्रदर्शनों के बाद, सेना ने बशीर की सरकार को उखाड़ फेंका था और देश में एक अंतरिम सरकार का गठन किया गया था। सेना के नेतृत्व में यह अंतरिम सरकार 2022 तक सत्ता संभालेगी, जिस पर देश में पारदर्शी चुनाव कराने की ज़िम्मेदारी है।

सूडानी अधिकारियों का कहना है कि बशीर के शासन के पतन के बाद, उनके देश को आतंकवाद प्रायोजित देशों की सूची में रखना ग़लत है, जबकि सूडान अंतरिम सरकार के गठन के बाद से ही आतंकवाद के ख़िलाफ़ अमरीका के साथ सहयोग कर रहा है।

संयुक्त अरब अमीरात और बहरैन के इस्राईल के साथ संबंधो को सामान्य बनाने के समझौते के बाद, ट्रम्प प्रशासन सूडान पर भी ज़ायोनी शासन के साथ ऐसा ही समझौता करने का दबाव बना रहा है।

हालांकि सूडानी अधिकारियों का कहना है कि वे वाशिंगटन को स्पष्ट शब्दों में संदेश दे चुके हैं कि इन दोनों मामलों में आपस में कोई संबंध नहीं है और अंतरिम सरकार को इस्राईल को मान्यता प्रदान करने का जनादेश हासिल नहीं है। msm

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