Sep २९, २०२० १२:३० Asia/Kolkata

आज़रबाइजान गणराज्य और अर्मीनिया के बीच झड़पों में तेज़ी आ गयी है और दोनों ही देश एक दूसरे के सैन्य ठिकानों को भीषण बमबारी से तबाह कर रहे हैं।

आज़रबाइजान गणराज्य के रक्षामंत्रालय ने वीडियो जारी करके अर्मीनियाई सैनिकों को होने वाले भारी जानी व माली नुक़सान की सूचना दी है।

उधर अर्मीनिया के राष्ट्रपति ने कहा है कि ईरवान अंकारा को एक बार फिर अर्मीनियों के जनसंहार की अनुमति नहीं देगा।

अर्मीनिया के राष्ट्रपति अरमीन सरकीसियान ने मंगलवार को कहा कि नैटो के एक सदस्य के रूप में तुर्की, ड्रोन विमानों, साइबर हमलों, सैन्य शक्ति, सैन्य विशेषज्ञों, किराए के एजेन्टों और एफ़-16 विमानों सहित हर तरह से आज़रबाइजान का समर्थन कर रहा है।

अर्मीनिया के राष्ट्रपति ने तुर्की ओर से आज़रबाइजान गणराज्य के सैन्य समर्थन की आलोचना करते हुए कहा कि उस्मानी साम्राज्य ने 150 साल पहले अर्मीनियाई लोगों का जो जनसंहार किया था, वह एक बार फिर अपने अपराधों को दोहरा नहीं सकता।

दूसरी ओर अफ़ग़ानिस्तान ने भी क़रेबाग़ के मुद्दे पर आज़रबाइजान गणराज्य का समर्थन करते हुए युद्ध विराम तथा मुद्दों के शांतिपूर्ण हल के लिए वार्ता करने की मांग की है।

अफ़ग़ानिस्तान के विदेशमंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान को अर्मीनिया और आज़रबाइजान गणराज्य के बीच जारी तनाव पर चिंता है और झड़पों में होने वाले जानी और माली नुक़सान पर उसे खेद है।

बयान में कहा गया है कि नागोरनो-क़रेबाग़ का क्षेत्र आज़रबाइजान का है और अफ़ग़ानिस्तान इस क्षेत्र के अतिग्रहण को पूरी तरह समाप्त करने की मांग करता है और इस बारे में आज़रबाइजन की सरकार और राष्ट्र तथा अन्य देशों के प्रयासों का समर्थन करता है।

उधर संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने अर्मीनिया और आज़रबाइजान गणराज्य के राष्ट्रपतियों से अलग अलग टेलीफ़ोनी वार्ता में दोनों पक्षों से संघर्ष विराम की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने दोनों देशों के राष्ट्रपति से युद्ध विराम की अपील करते हुए मिन्स गुट की परिधि में वार्ता शुरु करने की अपील की है। (AK)

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