Oct ०३, २०२० ०९:३४ Asia/Kolkata
  • आज पूरी दुनिया में इस्लाम संकट में है, फ़्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रॉन का दावा

फ़्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रॉन ने शुक्रवार को फ़्रांस में इस्लामी कट्टरवाद से मुक़ाबले पर एक हाई-प्रोफ़ाइल संबोधन में दावा किया कि आज, पूरी दनिया में इस्लाम संकट में है।

उन्होंने दावा किया कि बहुत ही कट्टरपंथी स्वरूप के कारण, इस्लाम संकट में है।

फ़्रांस में अगले राष्ट्रपति चुनाव में दो साल से भी कम समय रह गया है। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि इस साल सरकार देश में तथाकथित धर्मनिरपेक्षता को मज़बूत करने के लिए एक बिल पेश करेगी, जिसे मैक्रॉन ने फ़्रांस में "इस्लामवादी अलगाववाद" से मुक़ाबले के रूप में वर्णित किया है।

फ़्रांसीसी राष्ट्रपति ने दावा किया कि आज पूरी दुनिया में इस्लाम संकट में है, और ऐसा सिर्फ़ हमारे देश में ही नहीं है।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार, 1905 के क़ानून को मज़बूत करने के लिए दिसंबर में एक विधेयक पेश करेगी, जो फ्रांस में आधिकारिक तौर पर चर्च और राज्य को अलग करने पर बल देता है।

मैक्रॉन का कहना था कि यह क़दम, फ़्रांस में बढ़ते इस्लामिक कट्टरवाद की समस्या को दूर करने के लिए उठाया जाएगा, जिससे हमारी साथ रहने की क्षमता में सुधार होगा।

उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता, एकजुट फ्रांस की मज़बूती है। साथ यह भी उल्ले किया कि उनका इरादा सभी मुसलमानों को बदनाम करने का नहीं है।

मैक्रॉन का कहना था कि क़ानून, लोगों को किसी भी मज़हब के चयन की आज़ादी देता है, लेकिन स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर धार्मिक प्रतीकों के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।

फ़्रांसीसी स्कूलों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर पहले से ही हिजाब पहनने पर प्रतिबंधित है।

मैक्रोन के इस भाषण के बाद और विशेष रूप से एक धर्म को निशाना बनाए जाने के लिए सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है और उनकी जमकर आलोचना हो रही है।

एक फ्रांसीसी मुस्लिम कार्यकर्ता यासिर ने ट्वीट किया: मुसलमानों के दमन का ख़तरा पहले से था, लेकिन अब यह एक वादे में बदल गया है। वैश्विक महामारी के बावजूद स्कूलों में कठोर व भेदभावपूर्ण क़दम उठाने का आह्वान करके, मुस्लिम छात्रों के जीवन को ख़तरे में डाल दिया है। msm

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