Oct १३, २०२० १०:४९ Asia/Kolkata
  • अब फेसबुक इस तरह से करेगा इस्राईल की मदद ! पोस्ट कर देगा डीलीट अगर ...मार्क ज़ुकरबर्ग ने किया एलान

फेसबुक ने ज़ायोनियों का साथ देने के लिए एलान किया है कि जिस पोस्ट में होलोकास्ट के बारे में फेर बदल या उसका इन्कार किया गया होगा उसे डीलीट कर दिया जाएगा।

फेसबुक ने सोमवार को एक बयान जारी करके होलोकास्ट के बारे में पोस्ट को डीलीट करने की वजह यह बतायी कि दुनिया भर में यहूदियों का विरोध बढ़ रहा है और युवाओं को सच्चाई का पता नहीं है। 

फेसबुल ने इसके लिए अमरीका में किये गये एक सर्वे का हवाला दिया है जिसके अनुसार अमरीका के लगभग 25 प्रतिशत लोगों का यह मानना है कि उनकी नज़र में होलोकास्ट एक कहानी है और उसे बढ़ा चढ़ा कर पेश किया गया है। 

फेसबुक के प्रमुख मार्क ज़ुकरबर्ग ने अपने एकाउंट पर एक बयान जारी करके कहा है कि होलोकास्ट से इन्कार का वह मुक़ाबला करेंगे। 

अमरीका में ज़ायोनी लॅाबियों ने फेसबुक के इस फैसले का स्वागत किया है क्योंकि वह कई बरसों से इसकी मांग कर रहे थे। 

कहा जाता है कि हिटलर ने लाखों यहूदियों को कैंपों में रखा और लाखों को गैस चेंबरों में डाल कर मार डाला। इस घटना को होलोकास्ट के नाम से याद किया जाता है लेकिन अध्ययनों से पता चलता है कि यहूदियों ने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस त्रासदी के बारे में अतिश्योक्ति से काम लिया है। 

ज़ायोनी लाबी के दबाव की वजह से विश्व के 16 देशों में होलोकास्ट पर शक प्रकट करना अपराध है। 

आस्ट्रिया, बेल्जियम, कनाडा, चेक रिपब्लिक, फ्रासं, जर्मनी, हंगरी, लेथवानिया, लक्ज़मबर्ग, हालैंड, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, स्वोवाकिया, और स्वीटज़रलैंड वह युरोपीय देश हैं जहां होलोकास्ट का इन्कार करना गैर कानूनी है और उस पर सज़ा दी जाती है। 

रोचक बात यह है कि इनमें से बहुत से देशों में इस्लाम और मुसलमानों की आस्थाओं के अपमान को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कहा जाता है। Q.A.

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