Oct २२, २०२० २३:२१ Asia/Kolkata
  • अगर ट्रम्प और बाइडन दोनों ने जीतने का दावा किया तो क्या होगा... भयानक सपना...  ब्रिटिश समाचार पत्र गार्डियन का जायज़ा

3 नवंबर को अमरीकी मतदान के लिए पोलिंग बूथों पर जाएंगे हालांकि पोस्टल वोटिंग तो पहले से ही शुरु हो चुकी है। इसी दिन अधिकांश राज्यों में पोस्टल वोटों की गिनती शुरु हो जाएगी और थोड़े समय के बाद ही धीरे धीरे परिणाम की घोषणा शुरु कर दी जाएगी।

     एपी जैसी एजेन्सियां परिणामों और इसी तरह प्रत्याशियों को मिलने वाले वोटों में अंतर और बहुत  सी चीज़ों का जायज़ा  लेकर, जीतने वाले के बारे में अनुमान लगाना शुरु कर देंगी।

 

हारने वाला प्रत्याशी अपनी हार स्वीकार कर लेगा

 मतदान के दूसरे दिन सुबह प्रायः होता है। जनता के सामने सार्वाजनिक रूप से हार स्वीकार करने के बाद, अमरीकियों को यह पता चल जाता है कि अब उनका राष्ट्रपति कौन बनने वाला है? धीरे धीरे चुनाव का नतीजा पूरी तरह से स्पष्ट हो जाता है और फिर हारने वाला प्रत्याशी सार्वाजनिक भाषण देकर जीतने वाले प्रत्याशी का रास्ता छोड़ देता है।

 

परिणाम अंतिम किया जाता है

वोटों की गिनती के बाद स्थानीय अधिकारी, परिणाम को राज्य के अधिकारों को भेजते हैं और वहां से पुष्टि के बाद परिणाम संघीय अधिकारियों को भेज दिये जाते हैं।

 

8 दिसंबर विवादों के निपटारे की समय सीमा

8  दिसंबर तक हर राज्य को वोटों से संबंधित सारे विवादों का निपटारा कर लेना होगा जिसके बाद एक प्रत्याशी को विजयी होना ही है अन्यथा, संघीय कानून के अनुसार कांग्रेस उस राज्य के इलेक्ट्राल वोटों को स्वीकार करने से इन्कार कर दे।

 

14 दिसंबर, इलेक्ट्राल कलेज

विभिन्न राज्य अपने प्रतिनिधियों को इलेक्ट्राल कॉलेज में वोट देने के लिए चुनेगें। अमरीकी सीधे रूप में राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति को वोट नहीं देते बल्कि वह अपने अपने राज्यों में इलेक्टर्स को वोट देते हैं।

मिसाल के तौर पर अगर जो बाइडन, मिशिगन राज्य में जीतते हैं तो इस राज्य के 16 इलेक्ट्राल, डेमोक्रेट होंगे। वह इस राज्य का 14 दिसंबर के इलेक्ट्राल कॉलेज में प्रतिनिधित्व करेंगे।

 

20 जनवरी, नये राष्ट्रपति का शपथग्रहण

अमरीकी संविधान के अनुसार 20 जनवरी को राष्ट्रपति काल समाप्त हो जाता है और नया राष्ट्रपति शपथ ग्रहण करता है लेकिन कार्यक्रम सार्वाजनिक नहीं होता और दूसरे दिन अर्थात 21 जनवरी को सार्वाजनिक रूप से शपथ ग्रहण का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

 

 

कई हफ्ते पहले ही ट्रम्प पोस्टल वोटों पर संदेह प्रकट कर देते हैं।

अक्तूबर के आंरभ में 66 लाख अमरीक वोट दे देते हैं। बताया गया कि पोस्टल वोटों बहुत अधिक वृद्धि हुई, ट्रम्प ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ धांधली हुई है। ट्रम्प ने तो अपने समर्थकों से यहां तक कहा है कि वह मतदान के समय पोलिंग बूथों पर जाएं और ध्यान से देखें। रिपब्लिकन मतदान निरीक्षक को भी रखना चाहते हैं जो एक चुनौती हो सकती है। यह भी हो सकता है कि हथियारबंद लोग, पोलिंग बूथों की सुरक्षा के लिए जमा हो जांए। रिपब्लिकंस को बहुत समय से चुनाव में निरीक्षण से वंचित कर दिया गया था क्योंकि वह इस तरह से मतदाताओं को डराते थे मगर दो साल पहले एक जज ने यह पांबदी खत्म कर दी। रिपब्लिकन कई मामले दर्ज कराके  मतगणना ही रुकवा सकते हैं।

 

हो सकता है ट्रम्प अपनी हार स्वीकार करें

अगर संचार माध्यम जो बाइडन को विजेता घोषित कर दें तब भी ट्रम्प हो सकता है कि अपनी हार स्वीकार करने से इन्कार कर दें। उन्होंने अगस्त में कहा था कि सिर्फ धांधली की दशा में मैं इस चुनाव में हार सकता हूं।

 

पोस्टल वोटों की वजह से देरी हो सकती है।

अमरीका का पोस्ट विभाग मतपत्रों को लाने में देर कर सकता है। इस से पहले भी पेन्सिलवानिया राज्य के दसियों हज़ार मतपत्रों में देरी की वजह से मतगणना में काफी देर हुई थी।

ट्रम्प के घटक, लुईस डी जोय को अमरीकी पोस्ट विभाग का प्रमुख बनाया गया है और उन्होंने पद पर आते ही एसे बदलाव किये जिनकी वजह  से पोस्ट का काम सुस्त हुआ आपत्ति  के बाद उन्होंने वह बदलाव खत्म कर दिये लेकिन पोस्ट की पहले की तेज़ी वापस नहीं आयी है। इसके साथ ही रिपब्लिकंस बहुत से मतों पर संदेह प्रकट कर सकते हैं और इसके साथ ही रिपब्लिकंस के वकील, कानूनी लड़ाई के लिए तैयारी कर रहे हैं वैसे इस तरह की कानूनी लड़ाई के लिए बाइडन के पास भी वकीलों की फौज तैयार है। वह ट्रम्प के समर्थकों द्वारा मतदाताओं को डराने धमकाने से रोकने की भी तैयारी कर रहे हैं।

 

ट्रम्प विद्रोह कानून का सहारा ले सकते हैं।

चुनाव प्रक्रिया में रिपब्लिकंस के दखल के खिलाफ डेमोक्रेट सड़कों पर निकल सकते हैं लेकिन ट्रम्प उन्हें चुप कराने के लिए विद्रोह के कानून का सहारा लेकर सेना को सड़क पर उतार सकते हैं जैसा कि उन्होंने अभी काले वर्ण के लोगों के अधिकारों के लिए होने वाले प्रदर्शनों में किया था। ट्रम्प इसी तरह से फेडरल सैनिकों को " जाली" वोट ज़ब्त करने का आदेश दे सकते हैं। यह भी हो  सकता है कि अमरीका के पोस्ट विभाग के प्रमुख जो एक रिपब्लिकन हैं, चुनाव की सुरक्षा का दावा करके पोस्टल वोट ज़ब्त कर लें।

 

8 दिसंबर तक विवाद नहीं सुलझा तो ?

ट्रम्प पेंसिलवानिया और फ्लोरीडा जैसा निर्णायक राज्यों के मतों के बारे में संदेह प्रकट कर सकते हैं जिसके बाद विवाद सुलझना होगा  अब अगर 8 दिसंबर तक विवाद नहीं सुलझा तो कांग्रेस इन राज्यों के इलेक्ट्राल के वोटों को स्वीकार करने से इन्कार कर सकती है। जिसके बाद राज्य के रिपब्लिकन अपना इलेक्ट्राल  चुनेंगे और डेमोक्रेट अपना और इस तरह से दोनों पार्टियां विजय का दावा करेंगी लेकिन जब 14 दिसंबर को इलेक्ट्राल कॉलेज होगा तब क्या होगा?

नेन्सी पेलोसी

 

इस विवाद में अमरीका के उप राष्ट्रपति माइक पेंस विजेता की घोषणा कर सकते हैं। या फिर विवादित इलेक्ट्राल के मत को गिना ही नहीं जाएगा। या उस प्रत्याशी को राज्य में विजेता माना जाएगा जिसे उस राज्य का गर्वनर विजेता घोषित करे। या फिर नेन्सी प्लोसी को अंतरिम राष्ट्रपति बना दिया जाएगा और कांग्रेस इस बारे में फैसला करेगी।

लेकिन अगर कांग्रेस भी सहमति तक नहीं पहुंच पायी तो फिर डेमोक्रेट कहेंगे कि विवाद से समाधान तक नेन्सी प्लोसी को राष्ट्रपति बनाया गया है तो अब उस समय तक वही रहेंगी लेकिन बहुत मुश्किल है कि रिपब्लिकन यह स्वीकार करें इस लिए वह ट्रम्प के शपथ ग्रहण की तैयारी कर सकते हैं। इन सब के अलावा एक दशा यह है कि सुप्रीम कोर्ट मैदान में आ जाए। सुप्रीम के सदस्यों की संख्या इस समय ट्रम्प के हित में है। वह ट्रम्प के लिए फैसला सुना सकता है लेकिन इससे न्यायपालिका की निष्पक्षता खतरे में पड़ जाएगी लेकिन इन सब दशाओं में से कोई न कोई स्थिति ज़रूर होगी। अगर विजेता के बारे मतभेद हुआ तो  यह अमरीका के लिए एक भयानक सपना होगा यह सब न हुआ तब भी हल्के से विवाद के बाद भी फैसला कई हफ्तों के लिए टल जाएगा। Q.A.

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