Oct २६, २०२० १०:३३ Asia/Kolkata
  • फ़्रांस को दिन में नज़र आने लगे तारे...इस्लामी जगत के स्तर पर उठी बायकाट की आवाज़ से हिल गईं फ़्रांसीसी कंपनियां...विदेश मंत्रालय ने मुसलमानों से की अपील

लगता है कि इस्लामी देशों में फ़्रांसीसी उत्पादों के बहिष्कार की मांग से फ़्रांसीसी कंपनियां घबरा गई हैं और उनकी ओर से सरकार पर दबाव डाले जाने के बाद फ़्रांस के विदेश मंत्रालय ने इस्लामी देशों से अपील की है कि फ्रांस के उत्पादों का बहिष्कार न किया जाए।

फ़्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां ने पैग़म्बरे इस्लाम और इस्लाम के ख़िलाफ़ बेहद आपत्तिजनक बयान दिया था जिसके बाद इस्लामी जगत के स्तर पर यह मांग उठी कि फ़्रांसीसी उत्पादों का बहिष्कार किया जाए।

रविवार को फ़्रांस की सरकार ने इस्लामी देशों से कहा कि वह फ़्रांसीसी उत्पादों का बहिष्कार रुकवाएं और फ़्रांस के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों पर भी रोक लगाएं।

फ़्रांसीसी विदेश मंत्रालय ने साथ ही यह भी दावा किया कि जो लोग फ़्रांस के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं और फ्रांसीसी उत्पादों के बहिष्कार का अभियान चला रहे हैं उनकी संख्या बहुत कम है। अलबत्ता अगर फ़्रांस के विदेश मंत्रालय को लगता है कि उनकी संख्या बहुत कम है तो इस बारे में उसे इस्लामी देशों की सरकारों से अपीलें करने की ज़रूरत नहीं थी।  

 

फ़्रांसीसी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि इस प्रकार के प्रदर्शनों से फ़्रांस की छवि ख़राब होगी जिसने हमेशा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नफ़रत की रोकथाम का समर्थन किया है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रपति मैक्रां ने जो बयान दिए हैं कुछ लोग उसका राजनैतिक स्वार्थों के तहत ग़लत इस्तेमाल कर रहे हैं।

इस्लामी जगत के स्तर पर होने वाली हलचल से फ़्रांस की सरकार की घबराहट का इस तरह भी अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि रविवार की रात राष्ट्रपति मैक्रां ने अरबी और अंग्रेज़ी भाषाओं में ट्वीट किए और यह तर्क देने की कोशिश की कि वह आज़ाद तार्किक डिबेट को प्रोत्साहन देना चाहते हैं। उन्होंने एक और ट्वीट किया कि हम आज़ादी में जी रहे हैं, समानता को सुनिश्चित करना चाहते हैं, हमने भाईचारे का माहौल बनाया है, कोई भी चीज़ हमें हमारे स्टैंड से पीछे हटने पर मजबूर नहीं कर सकती।

 

फ़्रांस के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि हम तो केवल रूढ़िवादी इस्लाम से लड़ना चाहते हैं और यह लड़ाई हम फ़्रांस के मुसलमानों के साथ मिलकर लड़ना चाहते हैं जो फ़्रांसीसी समाज का अटूट हिस्सा हैं। बयान में कहा गया है कि हमने अपने कूटनयिकों से कहा है कि वह इस्लामी देशों को बुनियादी आज़ादी और नफ़रत की रोकथाम के बारे में फ़्रांस के स्टैंड से अवगत करवाएं।

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि इस्लामी देशों की सरकारें बहिष्कार के हर अभियान से ख़ुद को दूर रखें, हमारे देश पर हमले न करें, हमारी कंपनियों के हितों की हिफ़ाज़त करें और विदेशों में हमारे नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करें।

फ़्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रां के बयान के ख़िलाफ़ इस्लामी जगत में नेताओं, संगठनों, सरकारों, खिलाड़ियों, पत्रकारों और अभिनेताओं सहित अनेक वर्गों के स्तर पर गहरा रोष देखने में आया है।

 

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