Oct ३०, २०२० १९:४४ Asia/Kolkata
  • फ्रांस सरकार, कट्टरपंथी हिन्दुओं की राह पर, फ्रांसीसी बुद्धिजीवी ! फ्रांस के भीतर हो रहा है मैक्रां का विरोध मगर भारत सरकार दे रही है साथ

फ्रांस के भीतर से इस्लाम के प्रति इस देश के राष्ट्रपति मैंक्रा के रुख के खिलाफ आवाज़ उठना शुरु हो गयी है।

     फ्रांस के प्रसिद्ध अर्थ शास्त्री और बुद्धिजीवी, थामस बेकेटी ने कहा है कि फ्रांसीसी नेता, मुसलमानों के दमन के लिए आतंकवाद का प्रयोग कर रहे हैं।

     उन्होंने ट्वीट फ्रांस के शिक्षा मंत्री द्वारा फ्रांस के छात्र संघ के प्रमुख को इस्लामी वामपंथी कहे जाने की निंदा की।

     इस फ्रांसीसी बुद्धिजीवी ने कहा कि यह सही नहीं है कि देश के नेता, आतंकवाद को अपने राजनीति हितों के लिए प्रयोग करें क्योंकि यह नीति राष्ट्रवादी व कट्टरपंथी हिन्दुओं की है जो पिछले दस वर्षों  से हर उस व्यक्ति पर गद्दारी और आतंकवाद का आरोप लगाते हैं जो मुस्लिम अल्पसंख्यकों का समर्थन करता है।

     उन्होंने फ्रांस के शिक्षा मंत्री और गृहमंत्री तथा इसी प्रकार दार्शनिक पास्कल ब्रोकनर से नस्लभेद पर आधारित बयानों का सिलसिला बंद करने की मांग की है।

     इस से पहले फ्रांस के छात्र सघ ने एक बयान जारी करके अपने ऊपर आरोप लगाने के लिए इस देश के शिक्षा मंत्री की आलोचना की थी और कहा था कि हम पर कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा के प्रचार का आरोप लगाना और उनके समर्थन की बात करना, वास्तव में अज्ञानता है।

     इसी बीच युरोपीय संसद में फ्रांसीसी सदस्य मेनन ओबरे ने कहा है कि उदारवाद  को सुबह शाम मुसलमानों के खिलाफ घृणा फैलाने का साधन नहीं बनना चाहिए।

     उन्होंने मुसलमानों और इस्लाम के बारे में फ्रांस के राष्ट्रपति के बयान पर प्रतिक्रिया प्रकट करते हुए यह बात कही है जिसे मीडिया पार्ट वेबसाइट ने प्रकाशित किया।

     उन्होंने कहा कि उनका देश, एक शिक्षक हमले के बाद, आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष के लिए मज़बूत ढांचा बनाने के बजाए  विवाद फैलाने वाली चीज़ों में व्यस्त हो गया है। उन्होंने फ्रांस के गृहमंत्री के उस बयान का कड़ाई से विरोध किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि " हलाल " चीज़ों से कट्टरपंथ पैदा होता है।

भोपाल प्रदर्शन

 

     फ्रांस में तो इस देश के राष्ट्रपति के रुख का विरोध हो रहा है लेकिन भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके फ्रांस के राष्ट्रपति का समर्थन किया है। इसके साथ ही भारत में फ्रांस के खिलाफ होने वाले प्रदर्शनों पर भी रोक लगायी जा रही है और मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में होने वाले विशाल प्रदर्शनों के बाद राज्य सरकार, प्रदर्शनकारियों और ज़िम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही कर रही है।

भारत में एक वर्ग है जो दुनिया के हर उस देश और नेता की सराहना करता है जो मुसलमानों या इस्लाम के खिलाफ रुख अपनाता है यही वजह है कि भारत में ट्रम्प के भारत विरोधी रुख के बावजूद एक वर्ग उनका समर्थन करता है क्योंकि ट्रम्प को मुसलमानों के खिलाफ समझा जाता है।

     फ्रांस में सरकारी स्तर पर पैगम्बरे इस्लाम के अपमान के समर्थन के खिलाफ भोपाल में प्रदर्शन हुए तो राज्य के सीएम शिवराज सिंह  ने ट्वीट किया कि मध्यप्रदेश शांति का टापू है  इसकी शांति को भंग करने वालों से हम पूरी सख्ती से निपटेंगे। उन्होंने लिखा कि  इस मामले में 188 IPC के तहत मामला दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा, वो चाहे कोई भी हो। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी भोपाल प्रदर्शन पर कार्यवाही की बात की थी जबकि बाबा रामदेव ने कहा है कि एक ही समुदाय के लोग हमेशा क्यों आग लगाते हैं?

     भारत का कट्टरपंथी वर्ग इस बात का कारण बना है कि पूरी दुनिया में भारत की छवि बदल रही है और यही वजह है कि फ्रांस के मशहूर अर्थ शास्त्री और लेखक थामस बेकेटी कहा है कि फ्रांस सरकार, कट्टरपंथी हिन्दुओं की तरह, मुस्लिमों का समर्थन करने वाले हर व्यक्ति को गद्दार और आतंकवादी कह रही है।Q.A.

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