Oct ३१, २०२० १२:२२ Asia/Kolkata
  • मुसलमानों की एकता पर इमरान ख़ान का ज़ोर, पाकिस्तान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पश्चिम से ज़्यादा है

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने पश्चिम में इस्लामी मान्यताओं के अनादर और इस्लामोफ़ोबिया से मुक़ाबले के लिए मुसलमानों की एकता पर बल दिया है।

इमरान ख़ान ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पैग़म्बर मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम के बारे में आयोजित एक काॅन्फ़्रेंस में कहा कि इस्लामी मान्यताओं विशेष कर पैग़म्बर के अनादर से ज़्यादा कोई भी काम मुसलमानों की भावनाओं को आहत नहीं करता लेकिन खेद की बात है कि पश्चिमी देशों में पैग़म्बर से मुसलमानों के हार्दिक रिश्ते के बारे में कोई सही  कल्पना नहीं है। उन्होंने कहा कि पश्चिम में एक बहुत ही छोटा गुट इस्लामी समुदाय के हितों के ख़िलाफ़ सक्रिय है और अपनी धार्मिक मान्यताओं के प्रति मुसलमानों की भावनाओं से ग़लत फ़ायदा उठा कर कुप्रचार के माध्यम से इसके अभिव्यक्ति की आज़ादी के ख़िलाफ़ दिखाना चाहता है। इमरान ख़ान ने पश्चिम के दोहरे रवैये की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि किस तरह पश्चिमी देशों में होलोकाॅस्ट के बारे में बात करना अपराध है लेकिन इस्लामी मान्यताओं के अनादर का कोई नोटिस नहीं लिया जाता।

 

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने इसी तरह जर्मन पत्रिका देर स्पीगल को इंटरव्यू देते हुए कहा कि भारत नाज़ीवाद से प्रभावित एक फ़ासीवादी देश बन चुका है और भारतीय प्रधानमंत्री के दल के विचार आरएसएस के विचार हैं जिसमें हिटलर की खुल कर प्रशंसा की जाती है। उन्होंने कहा कि भारत, चीन, बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान के लिए ख़तरा है। इमरान ख़ान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी भारत में मुसलमानों को ख़त्म कर देना चाहती है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, पश्चिम से ज़्यादा है। (HN)

 

ताज़ातरीन ख़बरों, समीक्षाओं और आर्टिकल्ज़ के लिए हमारा फ़ेसबुक पेज लाइक कीजिए!

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

इंस्टाग्राम पर हमें फ़ालो कीजिए

टैग्स