Nov ०५, २०२० २२:२७ Asia/Kolkata
  • मैक्रां के बयान पर ख़ामोशी गुनाह हैः पाकिस्तानी धर्मगुरू

पाकिस्तान के एक जानेमाने धर्मगुरू ने कहा है कि पैग़म्बरे इस्लाम (स) के अनादर पर आधारित फ़्रांसीसी राष्ट्रपति के बयान पर मौन बनाए रखना पाप है।

पाकिस्तान के "अहले सुन्नत एकता परिषद के प्रमुख साहिबज़ादा हामिद रज़ा का कहना है कि फ़्रांसीसी राष्ट्रपति के इस्लाम विरोधी बयान पर ओआईसी के सदस्य देशों की खामोशी स्वीकार्य नहीं है।  उनका कहना है कि पैग़म्बरे इस्लाम (स) जैसी महान हस्ती के अपमान पर खामोशी, वास्तव में सारे मुसलमानों और इस्लामी आस्थाओं के अनादर के बराबर है।  साहिबज़ादा हामिद रज़ा के अनुसार इसपर खामोश रहने वाले किसी प्रकार से इस्लामी देशों के सदस्य हो सकते हैं।  वे कहते हैं कि हज़रत मुहम्मद (स) के बारे में फ़्रांसीसी राष्ट्रपति के बयान को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

याद रहे कि फ़्रांस के राष्ट्रपति ने अपने एक बयान में कहा कि उनका देश पैग़म्बरे इस्लाम (स) के अपमानजनक चित्र के प्रकाशन को जारी रखेगा।  मैक्रां के इस बयान से पूरी दुनिया के मुसलमान आहत हैं जबकि कुछ देशों के नेता पश्चिम की चाटुकारिता के कारण इस बारे में मौन धारण किये हुए हैं।  

टैग्स