Nov १९, २०२० २०:१४ Asia/Kolkata
  • पैग़म्बरे इस्लाम के अनादर का समर्थन करके विश्व स्तर पर आलोचना झेल रहे फ़्रांसीसी राष्ट्रपति ने मुस्लिम धर्मगुरुओं से लगाई गुहार...मस्जिदों के इमामों की काउंसिल बनाने का दिया प्रस्ताव

फ़्रांस के राष्ट्रपति भवन एलीज़ा पैलेस की ओर से घोषणा की गई है कि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां ने बुधवार की शाम देश के मुस्लिम धर्मगुरुओं को बुलाकर उनसे मुलाक़ात की और वर्तमान संकट से बाहर निकलने का रास्ता पूछा जिस पर धर्मगुरुओं ने मस्जिदों के इमामों की नेशनल काउंसिल बनाने का प्रस्ताव दिया।

यह काउंसिल फ़्रांस में मस्जिद के इमाम को स्वीकृति देगी तभी उन्हें इमाम के रूप में सक्रियता की अनुमति मिलेगी।

एलीज़ा पैलेस से जारी होने वाले बयान के अनुसार मैक्रां ने धर्मगुरुओं से कहा है कि वह लोकतांत्रिक मूल्यों का एक घोषणापत्र बनाएं जिसका पालन करना सबके लिए ज़रूरी हो।  मैक्रां ने धर्मगुरुओं से कहा है कि वह दो हफ़्ते के भीतर यह मसौदा तैयार करके उन्हें दे दें।

मैक्रां ने धर्मगुरुओं से मांग की है कि वह इस बात को सुनिश्चित करें कि इस्लाम एक धर्म है कोई राजनैतिक आंदोलन नहीं और किसी भी विदेशी सरकार को हस्तक्षेप का मौक़ा नहीं दिया जाएगा।

मैक्रां यह कोशिश भी कर रहे हैं कि देश के भीतर तुर्की, मोरक्को और अलजीरिया से आने वाले इमामों को मस्जिदों में नमाज़ पढ़ाने और प्रवचन देने की अनुमति ख़त्म हो जाए।

टीकाकार कहते हैं कि मैक्रां अपने हालिया बयानों से फ़्रांस के भीतर और विश्व स्तर पर पैदा होने वाले संकट से बहुत परेशान हैं क्योंकि फ़्रांस के ख़िलाफ़ आक्रोश के चलते देशवासियों के बीच मैक्रां सरकार की छवि बहुत ख़राब हो गई है।

 

मैक्रां अब यह ज़ाहिर करने की कोशिश कर रहे हैं कि वह इस्लाम के ख़िलाफ़ नहीं हैं बल्कि चाहते हैं कि सारी गतिविधियां नियम के अनुसार हों और धार्मिक मामलों में कोई विदेशी हस्तक्षेप न हो।

स्रोतः अलजज़ीरा+फ़्रांसीसी मीडिया

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