Nov २३, २०२० १३:२५ Asia/Kolkata
  • अदालतों में भी लगातार हार का सामना...घटता जा रहा है पार्टी के बीच भी समर्थन...ट्रम्प के पास अब क्या बचा है?

अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव को लगभग तीन सप्ताह का समय बीत जाने के बाद भी ट्रम्प हार मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्हें 232 इलेक्टोरल वोट मिले हैं जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन 306 इलेक्टोरल वोट हासिल कर चुके हैं। ट्रम्प का दावा है कि चुनाव चुरा लिए गए।

ट्रम्प और उनकी टीम का दावा तो यही है कि जो बाइडन बड़े पैमाने पर की जाने वाली धांधली के नतीजे में जीते हैं मगर ट्रम्प की टीम के पास कोई ठोस सुबूत नहीं है जिसका नतीजा यह हुआ कि अब तक अलग अलग राज्यों में ट्रम्प की टीम 33 मुक़द्दमे हार चुकी है और ख़ुद रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं की ओर से ट्रम्प पर दबाव बढ़ रहा है कि वह सत्ता से हट जाएं।

मिशिगन में भी ट्रम्प की टीम स्थानीय अधिकारियों को चुनावों का नतीजा बदलने के बारे में संतुष्ट नहीं कर सकी।

वाल स्ट्रीट जरनल ने जो रिपब्लिकन पार्टी का क़रीबी अख़बार समझा जाता है अपने संपादकीय में ट्रम्प की टीम की निंदा की और लिखा कि ट्रम्प और उनकी टीम उन विचारों को आधार बना रहे हैं जिनका कोई आधार नहीं है। इसीलिए ख़ुद रिपब्लिकन पार्टी की ओर से नियुक्त किए गए जजों ने भी अब तक ट्रम्प की टीम के 30 से अधिक मुक़द्दमे ख़ारिज कर दिए। क्योंकि ट्रम्प की टीम के तर्क बहुत कमज़ोर थे।

आठ दिसम्बर तक चुनाव के नतीजों के बारे में शिकायत और जांच का समय समाप्त हो जाएगा जिसके बाद 14 दिसम्बर को सभी राज्यों में इलेक्टोरल कालेजों की बैठक होगी और हर राज्य विजेता उम्मीदवार का एलान करेगा। जब मामला यहां तक पहुंच जाएगा तो फिर ट्रम्प किसी अदालत का दरवाज़ा नहीं खटखटा सकेंगे।

रिपब्लिकन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के काल में उप क़ानून मंत्री रह चुके प्रोस फ़ाइन का कहना है कि ट्रम्प चुनाव के नतीजों को बदलने की जो ग़लत कोशिश कर रहे हैं उससे पूरे देश में रिपब्लिकन पार्टी का जनाधार खिसकता जा रहा है।

अब तो रिपब्लिकन सांसद लिज़ चेनी भी उन लोगों में शामिल हो गई हैं जो डोनल्ड ट्रम्प से मांग कर रहे हैं कि जब उनके पास धांधली के ठोस सुबूत नहीं हैं तो ख़ामोशी से हार मान लें।

प्रास ने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी में ट्रम्प के समर्थकों की संख्या बहुत सीमित हो गई है। जो लोग ट्रम्प का समर्थन कर रहे हैं उन्हें यह उम्मीद है कि चुनावों के समय ट्रम्प उनकी आर्थिक मदद करेंगे और अग 2024 का राष्ट्रपति चुनाव ट्रम्प जीतते हैं तो उस समय उन्हें बड़े ओहदे देंगे।

प्रास का यह मानना है कि ट्रम्प अपनी हार नहीं मानेंगे ताकि उनके समर्थक उनसे नाराज़ न हों बल्कि 2024 में एक बार फिर उन्हें बढ़ चढ़ कर वोट दें। मगर यह भी तय है कि 20 जनवरी से पहले सुरक्षा बल ट्रम्प को वाइट हाउस से बाहर पहुंचा देंगे।

स्रोतः अलजज़ीरा

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