Nov २३, २०२० १३:५९ Asia/Kolkata
  • पुतीन बाइडेन को नहीं मानते राष्ट्रपति, लेकिन क्यों?

रूस और अमेरिका के बीच संबंध इस समय अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। यह बात किसी और ने नहीं कही है बल्कि स्वयं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन ने कहा है कि इस समय मास्को और वॉशिंग्टन के बीच संबंध अपने सबसे निचले स्तर पर हैं।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन ने अपने देश के सरकारी टीवी चैनल को इंटर्व्यू देते हुए कहा कि रूस, अमेरिका के किसी भी नेता के साथ बात करने को तैयार है और उस व्यक्ति के साथ मिलकर काम करने को भी तैयार हैं कि जिसपर अमेरिकी जनता विश्वास करती हो। वहीं रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि, वह अभी जो बाइडेन को अमेरिका का राष्ट्रपति नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक आधिकारिक रूप से उनके राष्ट्रपति होने का एलान नहीं हो जाता है तब तक वही भी उनको अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में स्वीकार नहीं कर सकते हैं। हालांकि पुतीन ने यह भी कहा कि वह अमेरिका के नए राष्‍ट्रपति के साथ काम करने के लिए तैयार हैं। व्‍लादिमीर पुतीन ने कहा कि अमेरिकी लोगों का यह भरोसा उसी उम्‍मीदवार पर माना जाएगा जिसकी जीत को विपक्षी पार्टी मान्‍यता देगी या क़ानूनी तरीक़े से जीत की घोषणा की जाएगी। इससे पहले सवाल उठ रहे थे कि पुतीन ने अब तक बाइडेन को बधाई क्‍यों नहीं दी है। अब ख़ुद पुतीन ने ही यह स्‍पष्‍ट कर दिया है कि वह बाइडेन को जीत की बधाई क्‍यों नहीं दे रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि, अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसियों का आरोप है कि रूस ने वर्ष 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में ट्रम्प की जीत में मदद की थी। जबकि रूस हमेशा से इन आरोपों का ख़ारिज करता आया है। वहीं पुतिन ने कहा कि रूस का बाइडेन को बधाई देना केवल एक 'औपचारिकता' है और इसका कोई ग़लत इरादा नहीं है। पुतीन से जब यह पूछा गया कि बधाई नहीं देने से अमेरिका और रूस के बीच संबंध ख़राब हो सकते हैं, तो इसपर पुतिन ने कहा कि अब ख़राब होने के लिए बचा क्‍या है। यह संबंध तो पहले ही रसातल में है। बता दें कि बाइडेन रूस को अमेरिका की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा ख़तरा बता चुके हैं। यही नहीं जो बाइडेन ने डोनल्ड ट्रम्प पर आरोप लगाया था कि वह रूस का सामना नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि ट्रम्प रूस के 'पपी' हैं। बाइडेन ने कहा था, 'मैंने पुतीन का सीधा सामना किया है और साफ़ किया है कि हम कुछ बर्दाश्त नहीं करेंगे। वह (ट्रम्प) पुतिन के पपी हैं।' वहीं इस पर रूस ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और कहा था कि यह उसके प्रति नफ़रत को प्रेरित करने की कोशिश है। (RZ)

 

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