Dec ०२, २०२० १८:२८ Asia/Kolkata
  • बाइडन ने एक बार फिर परमाणु समझौते में लौटने के अपने रुख़ पर ज़ोर दिया

अमरीका के निर्वाचित राष्ट्रपति ने अपनी संभावित सरकार के आरंभिक महीनों में उसकी नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा है कि ईरान की ओर से सीमितताओं का पालन किए जाने की स्थिति में वे अब भी परमाणु समझौते में लौटने की अपनी नीति पर क़ायम हैं।

जो बाइडन ने न्यूयाॅर्क टाइम्स को इंटरव्यू देते हुए इस सवाल के जवाब में कि अगर ईरान परमाणु समझौते के कड़ाई से पालन की ओर लौट आता है तो क्या अमरीका, फिर से इस समझौते में शामिल होगा और ट्रम्प द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों को समाप्त करेगा? कहा कि यह कठिन काम होगा, लेकिन हां अमरीका इस समझौते में लौटेगा। बाइडन का कहना था कि वे चाहते हैं कि परमाणु समझौते के बारे में एक अत्यंत संक्षिप्त बातचीत हो जिसमें इस समझौते के सदस्य ही नहीं बल्कि ईरान के पड़ोसी देश विशेष कर सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात भी शामिल हों।

 

न्यूयाॅर्क टाइम्स ने बाइडन के हवाले से लिखा है कि ईरान के मीज़ाइलों और क्षेत्र को अस्थिर बनाने वाली अन्य चीज़ों के बारे में बहुत सी बातें मौजूद हैं लेकिन सच्चाई यह है कि क्षेत्र में स्थिरता तक पहुंचने का सबसे अच्छा रास्ता, परमाणु कार्यक्रम से मुक़ाबला है। अमरीका के निर्वाचित राष्ट्रपति ने इस इंटरव्यू में दावा किया है कि अगर ईरान एटम बम बना लेता है तो सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र पर भी परमाणु हथियार हासिल करने के लिए दबाव बढ़ जाएगा।

 

ज्ञात रहे कि ईरान ने आरंभ से ही इस बात पर बल दिया है कि वह सिर्फ़ परमाणु ऊर्जा से शांतिपूर्ण लक्ष्यों के लिए लाभ उठाना चाहता है और परमाणु हथियार बनाना धार्मिक व नैतिक दृष्टि से वर्जित है। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने अपनी दसियों रिपोर्टों में इस बात की पुष्टि की है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है। (HN)

 

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