Jan १४, २०२१ २३:२४ Asia/Kolkata
  • जो के पैर ने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया और इस देश के क्वारंटीन और इस्पेक्शन विभाग का ध्यान अपनी ओर खींचा (एपी)
    जो के पैर ने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया और इस देश के क्वारंटीन और इस्पेक्शन विभाग का ध्यान अपनी ओर खींचा (एपी)

कबूतरबाज़ी में इस्तेमाल होना वाला एक कबूतर इन दिनों ऑस्ट्रेलिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह कबूतर अमरीका से पेसेफ़िक महासगर को पार और 13000 किलोमीटर की दूरी तय करके ऑस्ट्रेलिया पहुंचा है, लेकिन इस बेचारे कबूतर की जान ख़तरे में हैं।

ऑस्ट्रेलिया के पक्षी विभाग को डर है कि कहीं इस कबूतर से दूसरे परिन्दों को बीमारी न लग जाए।

मेलबर्न के निवासी केविन सेली-बर्ड ने गुरूवार को बताया कि उन्होंने 26 दिसंबर को अपने घर के अहाते में इस थके हुए कबूतर को देखा था। जो 29 अक्तूबर को अमरीका के ओरेगन राज्य में कबूतरबाज़ी की प्रतियोगिता के दौरान लापता हो गया था।

विशेषज्ञों को संदेह है कि इस कबूतर ने, जिसका नाम केविन ने नव निर्वाचित अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के नाम पर ‘जो’ रखा है, कारगो शिप की लिफ़्ट लेकर पेसिफ़िक पार किया।

जो, ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के साथ साथ इस देश के कुख्यात क्वारंटीन और इंस्पेक्शन विभाग के भी ध्यान का केन्द्र बना हुआ है।

केविन सेली-बर्ड ने बताया कि क्वारंटीन अधिकारियों ने गुरूवार को उससे इस कबूतर को पकड़ने के लिए कहा।

सेली-बर्ड ने कहाः क्वारंटीन अधिकारियों ने कहा कि अगर यह अमरीका का है, तो उन्हें परिन्दों को होने वाली बीमारी का डर है। उन्होंने मुझसे जानना चाहा कि क्या मैं उनकी मदद कर सकता हूं, मैंने कहा कि मैं उसे नहीं पकड़ सकता।

सेली-बर्ड ने बताया कि क्वारंटीन अधिकारी अब पेशेवराना बहिलये से संपर्क की कोशिश कर रहे हैं ताकि इस कबूतर को पकड़ा जा सके।

ऑस्ट्रेलिया के कृषि विभाग ने जो बायोसुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार है, कहाः इस कबूतर को ऑस्ट्रेलिया में रहने की इजाज़त नहीं है, क्योंकि इससे ऑस्ट्रेलिया की खाद्य सुरक्षा और जंगली परिन्दों की आबादी को ख़तरा हो सकता है। यह कबूतर ऑस्ट्रेलिया के पक्षियों के जीवन और मुर्ग़ी पालन उद्योग के लिए सीधा ख़तरा है।

केविन सेली-बर्ड ने बताया कि अमरीका के ओकलाहोमा स्थित कबूतरबाज़ी संघ ने पुष्टि की है कि यह कबूतर अलाबामा राज्य के मॉन्टगोमेरी शहर के एक शख़्स के नाम रजिस्टर है।

सेलीबर्ड ने कहा कि उन्होंने इस कबूतर के मालिक से संपर्क करने की बहुत कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। इस कबूतर के मारे जाने का ख़तरा मंडरा रहा है।

ग़ौरतलब है कि इससे पहले एक कबूतर के सबसे ज़्यादा दूरी तय करने का रेकॉर्ड 1934 का है। उस वक़्त फ़्रांस के अरास से एक कबूतर 24 दिन में 11600 किलोमीटर उड़ कर वियतनाम पहुंचा था।(MAQ/N)

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