Feb २४, २०२१ २२:५१ Asia/Kolkata
  • अमरीकी दबाव और प्रतिबंधों के आगे घुटने टेकने वाले नहीं हैंः वेनेज़ोएला

वेनेज़ोएला के राष्ट्रपति निकोलस मादूरो ने इस देश की जनता से कहा है कि वह पश्चिमी दबाव के मुक़ाबले में वह डटकर प्रतिरोध करे।

हालांकि अमरीका में राजनीतिक परिवर्तन हुआ है और एक नई सरकार आई है।  इस सरकार ने पुरानी बहुत सी नीतियों में परिवर्तन किया है।

कुछ राजनैतिक परिवर्तनों के बावजूद बाइडेन सरकार ने वेनेज़ुएला के विरुद्ध अमरीका का आर्थिक युद्ध बंद नहीं किया है।  अमरीका अपने पश्चिमी घटकों के साथ अब भी वेनेज़ुएला के पीछे बहुत बुरी तरह से पड़ा हुआ है।  अभी हाल ही में यूरोपीय परिषद ने लोकतंत्र के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए वेनेज़ुएला के 19 वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिबंधित कर दिया।  इस प्रकार वर्तमान समय में वेनेज़ुएला के 55 अधिकारियों पर यूरोपीय परिषद की ओर से प्रतिबंध लग चुका है।

इससे पहले ही वेनेज़ोएला के तेल, पेट्रोकैमिकल, केन्द्रीय बैंक और कई संस्थानों पर वाशिग्टन की ओर से प्रतिबंध लगा हुआ है।  इसके अतिरिक्त विदेश में मौजूद वेनेज़ोएला की संपत्ति को भी बहुत से देशों में सील कर दिया गया है।  अमरीका और उसके पश्चिमी घटक वेनेज़ोएला की सरकार पर दबाव बनाकर वहां की जनता को वहां की सरकार के विरुद्ध उकसा रहे हैं ताकि वे ग़ुस्से में आकर वेनेज़ोएला की वैध सरकार का तख़्ता पलट दें।

इस हथकण्डे से पश्चिम, दो निशाने साधना चाहता है।  एक तो यह कि वेनेज़ोएला की जनता को उकसाकर वहां की सरकार को गिरा दिया जाएगा और उसके बाद इस देश के संसाधनों का दोहन बहुत ही आसानी से हो सकेगा।  इस बात को वेनेज़ोएला के राष्ट्रपति मादूरो अपने देश की जनता को पहले ही बता चुके हैं।  मादूरो ने बताया कि अमरीका और पश्चिम की ओर से वेनेज़ोएला पर 450 प्रकार के प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं।  उन्होंने इन प्रतिबंधों को ग़ैर क़ानूनी बताया।  यह प्रतिबंध इतने कड़े हैं कि संयुक्त राष्ट्रसंघ ने भी इनकी निंदा की है।

मानवाधिकार मामलों में राष्ट्रसंघ के विशेष दूत Alena Douhan ने अपनी रिपोर्ट में इन प्रतिबंधों का उल्लेख करते हुए उनकी भर्त्सना की है।  अपनी रिपोर्ट में राष्ट्रसंघ के विशेष दूत ने लिखा है कि वेनेज़ोएला के विभिन्न संस्थानों पर व्यापक प्रतिबंध, इस देश में गंभीर आर्थिक एवं मानवीय संकट का कारण बने हैं।  उनका कहना है कि इन प्रतिबंधों ने वहां का कोई भी इंसान अछूता नहीं रह पाया है।

हांलाकि अमरीका और उसके पश्चिमी घटक वेनेज़ोएला के विरुद्ध प्रतिबं लगाए जा रहे हैं किंतु वहां की जनत इनका डटकर मुक़ाबला कर रही है।  इसी बीच ईरान ने वेनेज़ोएला के लिए पेट्रोल और आवश्यकता की कुछ वस्तुएं भेजी हैं।  इसके अतिरिक्त ईरान की ओर से वेनेज़ोएला की राजधानी में मूलभूत वस्तुओं की आपूर्ति के उद्देश्य से सुपर मार्केट खोली गई है।

अमरीका और पश्चिम का यह मानना है कि कठोर प्रतिबंध लगाकर वेनेज़ोएला पर हम अधिक से अधिक दबाव बना सकते हैं जिसके परिणाम स्वरूप वह हमारे सामने घुटने टेक देगा।  बहुत से जानकारों का कहना है कि वेनेज़ोएला की जनता के कड़े प्रतिरोध को देखकर एसा नहीं लगता कि यह देश, अमरीका के सामने नतमस्तक हो जाएगा क्योंकि वहां के अधिकारी जनता पर पड़ रहे दबाव को दूर करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं जिसके कारण वहां की सरकार और जनता एकजुट होकर अपने शत्रु के सामने डटे हुए हैं।

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