Mar ०६, २०२१ ०२:२४ Asia/Kolkata
  • इराक़ी राष्ट्रपति ने आतंकवाद और अतिवाद से मुक़ाबले पर बल दिया

साथ ही इराक़ी राष्ट्रपति ने कहा कि हम अन्याय को कदापि सहन नहीं करेंगे और ईसाई इस देश के नागरिक हैं

अलआलम टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार इराकी राष्ट्रपति ने शुक्रवार को बगदाद में राष्ट्रपति भवन में पोप के आधिकारिक स्वागत समारोह के बाद बल देकर कहा कि इस देश के पूर्व में रहने वाले ईसाई इस देश के नागरिक हैं और ईसाईयों के बिना पूर्व की कल्पना नहीं की जा सकती।

इराकी राष्ट्रपति ने इसी प्रकार ईसाईयों के पलायन के जारी रहने के परिणामों की ओर संकेत करते हुए कहा कि हम अतिवाद को फैलने या धर्म के नाम का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं देंगे और अत्याचार को कदापि सहन नहीं करेंगे।

वैटिकन के पोप ने भी इस समारोह में कहा कि इराक को वर्षों से आतंकवाद और अतिवाद की समस्या का सामना है जो बहुत से लोगों के दिलों के दुःखी होने और आघात पहुंचने का कारण बना है और इराकी लोगों की सहायता की प्रक्रिया बंद नहीं होनी चाहिये। इसी तरह उन्होंने स्पष्ट किया कि जो धार्मिक, जातीय और सांस्कृतिक विविधता है उससे सही से लाभ उठाया जाना चाहिये।

पोप फ्रांसीस ने कहा कि शांतिपूर्ण ज़िन्दगी के लिए सच्ची बातचीत, न्याय और कानून की ज़रूरत है। साथ ही उन्होंने कहा कि जो लोग अपने वतन का निर्माण करना चाहते हैं और लोगों की सेवा करना चाहते हैं उन्हें इस बात का अवसर दिया जाना चाहिये कि वे एक डेमोक्रेटिक समाज के निर्माण में भाग ले सकें।

ज्ञात रहे कि शुक्रवार को पोप फ्रांसीस का इराक के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने आधिकारिक स्वागत किया। MM

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