May १२, २०२१ १६:३४ Asia/Kolkata
  • म्यांमार में सैन्य विद्रोह के 100 दिन, सेना ने देश पर पूरे नियंत्रण का दावा किया

म्यांमार की सेना ने आंग सान सूची की निर्वाचित सरकार को गिरा कर सत्ता तो हथिया ली है लेकिन वह अभी रेलगाड़ियों को समय पर चलाने के भी क़ाबिल नहीं हो सकी है क्योंकि सरकारी रेलवे के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं।

डाॅन न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार सैन्य शासन के ख़िलाफ़ नागरिक अवज्ञा आंदोलन शुरू करने वाले हेल्थ वर्कर्ज़ ने सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना बंद कर दिया है जबकि सरकारी और निजी बैंकों के कर्मचारियों समेत बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी काम पर नहीं आ रहे हैं। यूनिवर्सिटियां, प्रतिरोध का केंद्र बन गई हैं और हालिया हफ़्तों में शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों ने सरकारी स्कूलों का बायकाॅट किया है जिससे प्राइमरी और मिडल स्तर की शिक्षा की व्यवस्था तबाह होने लगी है।

 

तख़्ता पलट के बाद सत्ता अपने हाथ में लेने वाले सैनिक जनरल 100 दिन बाद भी केवल नियंत्रण का दिखावा कर रहे हैं। ये दावे स्वतंत्र मीडिया को बंद करने और ताक़त के इस्तेमाल से सड़कों को बड़े प्रदर्शनों से दूर रखने की आंशिक कामयाबी के माध्यम से किए जा रहे हैं। स्वतंत्र सूत्रों से मिलने वाली रिपोर्टों के मुताबिक़ सुरक्षा बलों के हमलों में अब तक 750 से ज़्यादा प्रदर्शनकारी और राहगीर मारे जा चुके हैं। दि इकाॅनाॅमिस्ट ने अप्रैल में अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि म्यांमार एक फ़ेल स्टेट बन गया है और अफ़ग़ानिस्तान की दिशा में आगे बढ़ रहा है। (HN)

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