May १९, २०२१ १७:५२ Asia/Kolkata
  • म्यांमार, सैनिकों का तांडव जारी, 800 से अधिक की मौत

म्यांमार में फ़ौजी बग़ावत के ख़िलाफ़ जारी प्रदर्शनों की लहर के बीच, इस देश में मरने वालों की तादाद 800 से पार हो गयी है।

रॉयटर्ज़ के मुताबिक़, इस साल फ़रवरी में म्यांमार में फ़ौज ने देश की नेता आंग सान सूची की सरकार को सत्ता से हटाकर, उन्हें और उनकी पार्टी नेश्नल लीग फ़ॉर डेमोक्रेसी के अधिकारियों को हिरासत में ले लिया था और उसके बाद से म्यांमार में प्रदर्शनों का जो सिलसिला शुरू हुआ वह अब तक जारी है।

फ़ौज ने शहरों और क़स्बों में प्रजातंत्र के समर्थकों के ख़िलाफ़ ताक़त का इस्तेमाल करते हुए उनके दमन की कोशिश की। म्यांमार में सरहदी इलाक़ों में फ़ौज और विशेष जाति के विद्रोहियों व नई मिलिशिया के बीच लड़ाई की नई लहर शुरू हुयी है।

सामाजिक ग्रुप असिस्टेंट असोसिएशन फ़ॉर पॉलिटिकल प्रिज़्नर के मुताबिक़, सोमवार तक विरोधियों के ख़िलाफ़ फ़ौज के क्रेकडाउन में 802 लोग मारे जा चुके हैं। रोयटर्ज़ ने आज़ादाना तौर पर मरने वालों की तादाद की पुष्टि नहीं की जबकि फ़ौज के प्रवक्ता ने इस बारे में टिप्पणीं से इंकार किया।

असोसिएशन फ़ॉर पॉलिटिकल प्रिज़्नर ने बताया कि इस वक़्त 4 हज़ार 120 लोगों को हिरासत में लिया गया और इनमें से 20 लोगों को मौत की सज़ा सुनायी गयी है।

पहली फ़रवरी को हुई बग़ावत के बाद से हालिया दिनों मंडात के इलाक़े में भीषण लड़ाई हुयी है। यह इलाक़ा भारतीय सरहद से सिर्फ़ 100 किलोमीटर दूर है जहाँ म्यांमार की फ़ौज और स्थानीय मिलिशिया के बीच लड़ाई जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सोमवार को म्यांमार के पश्चिमोत्तरी पहाड़ी क़स्बे के हज़ारों लोग फ़ौज के अत्याचार से बचने के लिए जंगल, देहात और पास की वादियों में छिप गए।

फ़ौज ने मंडात में पिछले हफ़्ते मार्शल लॉ का एलान करने से पहले, इस इलाक़े में भारी हथियारों और हेलिकाप्टरों से हमला किया था।

अमरीका और ब्रिटेन ने फ़ौज से आम लोगों को निशाना न बनाने की मांग की है। सूची के समर्थकों की ओर से गठित राष्ट्रीय गठबंधन सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय ताक़तों से मदद की अपील की है। (MAQ/N)

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