Mar २२, २०२० ०२:५३ Asia/Kolkata

ईदे नौरोज़ समे ईरानन के प्रचीन त्योहार व संस्कार हज़ारों साल बीत जाने के बावजूद अब भी ईरानी संस्कृति के क्षेत्र में अपनी ताज़गी , मौलिकता व सुंदरता बनाए हुए हैं और पहले ही की तरह पूरे उत्साह से आयोजित हे हैं।

पहले के कार्यक्रम में हमने आपको ईदे नौरोज़ के इतिहास के बारे में विस्तार से बताया था। इस कार्यक्रम में हम प्रयास करेंगे कि ईदे नौरोज़ के अवसर परत अतीत से वर्तमान तक आयोजित होने वाले कार्यक्रम बताएं। साथ ही ईदे नौरोज़ के आगमन पर पहले से ही हम आपको मुबारकबाद पेश करते हैं।

 

जैसे जैसे समय बीतता जाता है और न्सले बदलती जाती हैं वैसे वैसे लोगों के विश्वास और परंपराओं में परिवर्तन आते जाते हैं। लेकिन आज के लोगों  के साथ अपने घरों को छोड़कर हरेभरे क्षेत्रों में जाना और समय बिताना अधिक पसंद करती है। यह त्योहार लोगों के बीच सौहार्द एवं बंधुत्व के बढ़ने का कारण भी बनते हैं। हलांकि नौरोज़ के मौक़े पर की जाने वाली यात्रा ईरानी नव वर्ष के मुख्य संस्कारों का भाग नहीं मानी जाती है, लैकिन पिछले कुछ वर्ष में जो नए बदलाव आए हैं और विशेषकर दो सप्ताह की छुट्टियों के कारण परिवार के लोग इस बात को प्राथमिकता देते हैं कि वह एक साथ ईदे नौरोज़ को देश के किसी ख़ूबसूरत शहर और स्थान में मनाएं। यही कारण है कि ईरान में ईदे नौरोज़ की छुट्टियां आरंभ होते ही देश के कई महत्वपूर्ण राजमार्ग और शहरों जैसे इस्फ़हान , शीराज़ और मशहद नौरोज़ के यात्रियों से भर जाते हैं।

 

पहले लोगों बहुत कठिनाई के साथ एक दूसरे का हाल चाल मालेम कर पाते थे। ईदे नौरोज़ एक एसा मौक़ा हुआ करता था कि जब परिवार के लोग दोस्त और जानने वाले एक दूसरे से मुलाक़ात कर पाते थे। लेकिन आज के आधुनिक समय में जहां सोशल मीडिया के माध्यम से एक दूसरे से संपंर्क बनाने आसान हो गया वहीं लोगों को इस सोशल मीडिया  दूर भी कर दिया है।

आज के समय में देखा गया है कि बहुत से लोग सोशल मीडथया के टेलीग्राम व्हाटसएप और इंस्टाग्राम जैसे एपों के ज़रिए अपने दूर और पास के जानने वलों कई ईदे नौरोज़ के अवसर पर मैसेज फ़ोटो और या वीडथयों भेजने को ही काफ़ी समझते हैं।

 

जबकि एसे लोग एक दूसरे से मुलाक़ात को अब महत्व नहीं देते हैं। इसका कार्ण यह है  कि शायद एसे लोग मीडिया पर एक दूसरे की फ़ोटो और विडियो इतना देख लेते हैं कि फिर उनमें सामने से मिलने की वह इच्छा बाक़ी नहीं रहती।

 

ईदे नौरोज़ के मौक़े पर इस आधुनिक सोशल मीडिया के दौर में हमें टीवी चैनलों को नहीं भूलना चाहिए। नव वर्ष के अवसर पर टीवी चैनलों द्वारा अलग अलग तरह के कार्यक्रम प्रसारित किए जाते हैं।

जिससे न केवल जनता आनंदित होती है बल्कि उन्हें औ युवा पीढ़ी को बहुत जानकारी भी मिलती है। नौरोज़ के मौक़े पर ईरानी टीवी चैनलों पर विशेष सीरियल और फ़िल्में दिखाई जाती हैं।

 

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