Jan ११, २०२० १६:२६ Asia/Kolkata

इंटरनेट एसा साधन है जिस पर कोई भी इंसान अपने जीवन की व्यक्तिगत जानकारियों को शेयर कर सकता है, परिवार के सदस्यों और दूसरे लोगों से हज़ारों किलोमीटर दूर रहकर भी संपर्क स्थापित कर सकता है।

हर प्रकार की फिल्म को नेट पर शेयर कर सकता है। प्रतीत यह हो रहा है कि लोगों विशेषकर युवाओं के मध्य व्यक्तिगत जीवन को दिखाने के लिए अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी आरंभ हो गयी है।

नेट बहुत बड़ी दुनिया है। इस समय आप एक मोबाइल के माध्यम से इस दुनिया में प्रवेश और उसकी सैर कर सकते हैं। नेट आज की दुनिया में इंसान के जीवन का अटूट अंग बन गया है। नेट में ईमेल, विभिन्न प्रकार की साइटें, सोशल साइटें, गेम्स और चेटरुम आदि वे चीज़ें हैं जो इंसान को अपनी ओर आकर्षित करती हैं और यूज़र्स घंटों का समय उस पर गुज़ारते हैं। इस बीच फेसबुक, ट्वीटर और इंस्टाग्राम जैसी वेब साइटें हैं जिन्हें बहुत अधिक लोग प्रयोग करते हैं और इन साइटों ने बहुत अधिक लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रखा है।

इंटरनेट को सबसे पहले सैनिक कार्यों के लिए बनाया गया था ताकि उसके माध्यम से सैन्य संपर्क को सरल बनाया जाये परंतु दिन- प्रतिदिन इसमें विस्तार होता गया और अब उसे सार्वजनिक कर दिया गया है और अब बहुत से लोग मनोरंजन करने और ख़बरें पढ़ने जैसे विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए उसका प्रयोग करते हैं। इस प्रकार इंटरनेट का सैन्य प्रयोग अब दूसरे कार्यों के लिए भी होने लगा और इस समय वह बहुत विस्तृत हो गया है और अब नेट के प्रयोग ने भौगोलिक सीमाओं को पार करके एक महाद्वीप को दूसरे महाद्वीप से जोड़ दिया है। इस समय जीवन का कोई भी क्षेत्र नेट के प्रयोग से अछूता नहीं है। दूसरे शब्दों में संदेशों और बातों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में इंटरनेट की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता। नेट वह साधन है जो राजनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक आदि ख़बरों को बहुत ही तीव्र गति से प्रसारित करता है।

 

इंटरनेट का एक फायदा यह है कि वह जानकारियों को बहुत तीव्र गति से प्रसारित करता है। इंटरनेट ने शोध व अध्ययन करने वाले छात्रों के कार्यों को बहुत सरल बना दिया है। आज अध्ययन करने वाले छात्र और ग़ैर छात्र इंटरनेट के माध्यम से वैज्ञानिक लेखों को बहुत जल्दी प्राप्त कर सकते हैं जबकि पहले एसा नहीं था। पहले एक लेख आदि को डाक से भेजा जाता था और उसके लिए प्रतीक्षा करनी पड़ती थी एक दूसरे से दूसरे देश भेजने और उसे पहुंचने में काफी समय और कागज़ आदि का ख़र्च पड़ता था परंतु अब कुछ ही देर में न केवल एक बल्कि बहुत सारे लेख और उससे जुड़ी जानकारियों को नेट से निकाला जा सकता है। इसमें डाक और कागज़ का खर्च खत्म हो गया। इसी प्रकार छपाई करके प्रकाशित करने का खर्च भी खत्म हो गया।

इस समय नेट के माध्यम से शैक्षिक, वैज्ञानिक, व्यापारिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक आदि क्षेत्रों और उनसे जुड़ी जानकारियों को बड़ी सरलता से निकाला जा सकता है। इस समय बहुत से लोग नेट के माध्यम से व्यापार और उससे जुड़ी गतिविधियां अंजाम देते हैं। इससे लोगों के आने- जाने का बहुत समय और पैसा दोनों बहुत बचता है। नेट के माध्यम से क्रय-विक्रय के बहुत से काम घर बैठे- बैठे अंजाम दिये जाते हैं। नेट आ जाने से बहुत से कार्यों का आधार ही नेट हो गया है और अगर नेट डिस्कनेक्ट हो जाये तो बहुत से काम ठप्प पड़ जाते हैं। नेट के अस्तित्व में आ जाने से नगरों के मध्य ग़ैर ज़रूरी आवाजाही कम हो गयी है, ऊर्जा का इस्तेमाल और वायु प्रदूषण कम हो गया है। इस समय आप मोबाइल फोन खरीद कर और नेट से कनेक्ट होने के बाद बड़ा से बड़ा व्यापार कर सकते हैं।

इस समय नेट से जो संभावनाएं उत्पन्न हो गयी हैं उनमें से एक असीमित संपर्क है। आप घर बैठे- बैठे दुनिया के दूरस्थ क्षेत्र में बैठे इंसान से संपर्क कर सकते हैं। एक ब्रितानी नागरिक डेविड कहता है” जब मैं सोकर उठता हूं तो सबसे पहले मोबाइल उठाता हूं और जिस ग्रुप का मैं सदस्य हूं सबसे पहले उसे देखता हूं ताकि कोई नया मैसेज या वीडियो देख सकूं”

 

अलबत्ता यही हाल आज के अधिकांश जवानों का है। इस बात में लड़की-लड़के में कोई अंतर नहीं है। सोशल साइटों में विभिन्न प्रकार की सुविधायें उपलब्ध हैं दो या कई दोस्त एक साथ बात कर सकते हैं। तस्वीरें और वीडियो शेयर कर सकते हैं। बड़े खेद की बात है कि बहुत से लोग फ़ेस बुक जैसी सोशल साइट पर प्रतिदिन अपना बहुत अधिक समय गुज़ारते और अपने जीवन का मूल्यवान समय नष्ट करते हैं। सामाजिक अध्ययनकर्ता समय नष्ट होने और उसके विनाशकारी परिणामों के बारे में चेतावनी देते हैं परंतु जिन लोगों को फेसबुक जैसी सोशल साइटों के प्रयोग की आदत पड़ गयी है आम तौर वे इन चेतावनियों पर कोई ध्यान ही नहीं देते हैं। रोचक बात यह है कि सोशल साइटों के अस्तित्व में आये हुए एक दशक से अधिक का समय नहीं हुआ है परंतु उसने इंसान के जीवन के समस्त क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले लिया है। बहुत से लोग अपनी अच्छी से अच्छी फोटो को एक दूसरे से शेयर करते हैं या इसी प्रकार की दूसरी चीज़ों को शेयर करते हैं और एक प्रकार से अपनी श्रेष्ठता दूसरों पर सिद्ध करते हैं। यही नहीं बहुत से लोग इस माध्यम से अनैतिकता व अश्लीलता का प्रचार- प्रसार कर रहे हैं और बहुत ही अभद्र तस्वीरों को साइटों पर अपलोड करते हैं जिससे इंसान नैतिकता व अध्यात्म से दूर होते जा रहे हैं।

एक भारतीय लड़की करिश्मा कहती है” फेसबुक है और मैं फेसबुक पर करने के लिए फोटो लेती हूं।“ उसका मानना है कि मैं जो अपनी निजी तस्वीर फेसबुक पर डालती हूं अगर उसे फेसबुक से हटा दिया जाये तो कोई रोचकता ही बाकी नहीं रहेगी।“ वह कहती है काफी समय से वह अपने दोस्तों के साथ आती- जाती है और कभी उसके दोस्त उसके मेहमान होते हैं और उस दिन की फेसबुक पर यादगार फोटो की याद में तस्वीर खींचते हैं। वह कहती है कि तस्वीर का शेयर करना कोई बुरी बात नहीं है। वह कहती है यह कार्य तो सब करते हैं मैं भी दूसरों की भांति! किन्तु करिश्मा अपनी और अपने दोस्तों की निजी तस्वीरों को फेसबुक पर शेयर करके दूसरों को अपने निजी जीवन में प्रवेश की अनुमति देती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जहां इंटरनेट के आने से मानव जीवन में बहुत सारी सुविधायें उत्पन्न व उपलब्ध हो गयी हैं वहीं कुछ चिंताएं भी उत्पन्न हो गयीं हैं और लोगों के जो सामाजिक संबंध में हैं उसे नेट ने बहुत प्रभावित किया है। नेट का एक सबसे खतरनाक व विनाशकारी परिणाम यह है कि पश्चिम की लिबरल डेमोक्रेसी की संस्कृति विश्व की दूसरी मूल संस्कृतियों को खत्म करती जा रही है और यह एसा विषय है जिसका सामना हर समाज को है और वह किसी से विशेष नहीं है।

नेट का एक नुकसान यह है कि समाज में परिवार के सदस्यों का जो स्थान और मान- सम्मान था वह खत्म होता जा रहा है। नेट के माध्यम से लेन- देन और संबंध इस प्रकार से होते जा रहे हैं जिससे सामाजिक मूल्यों का अंत होता जा रहा है। सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि नेट के माध्यम से अपराध की दर में बेतहाशा वृद्धि हो गयी है।  

 

इंटरनेट का एक नुकसान यह है कि बहुत से माता- पिता का अपने बच्चों व लड़कों पर नियंत्रण नहीं रह गया है। नेट के माध्यम से जो सुविधायें व संभावनाएं उपलब्ध हो गयी हैं बहुत से माता- पिता उनसे अवगत ही नहीं हैं और वे यह भी नहीं जानते कि उनके बच्चे इन संभावनाओं का प्रयोग करके किस सीमा तक उनके नियंत्रण से बाहर निकल और किस सीमा तक नैतिकता से दूर हो चुके हैं। जब बच्चों को इस बात का ज्ञान होता है कि उनके माता- पिता को नेट के बारे में अधिक जानकारी नहीं है तो वे निश्चिंत होकर नेट पर अनैतिक जानकारियों को पढ़ते हैं और अश्लील चित्रों व फिल्मों को देखते हैं और आगे चलकर यह चीज़ उनके स्वभाव पर बहुत बुरा प्रभाव डालती है और बच्चे माता- पिता के साथ अशिष्ट व्यवहार करते व बदतमीज़ी से पेश आते हैं।

दोस्तो जैसाकि हमने कहा कि नेट के अनुचित प्रयोग से समाज और परिवार को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना है और कुछ एसे गंभीर नुकसानों का भी सामना है जिनकी भरपाई भी नहीं की जा सकती। नेट के अधिक प्रयोग का एक नुकसान यह है कि लड़के- लड़कियां और इंसान आहिस्ता- आहिस्ता अलग- थलग रहने को प्राथमिकता देने लगते हैं। यही नहीं नेट का अधिक प्रयोग करने वाला ज़िम्मेदारी स्वीकार करने से भागने लगता है और उसमें अपराध करने, धन संचित करने और दूसरों को मूर्ख बनाने जैसी भावना जन्म लेने लगती है। बहरहाल इंटरनेट की तकनीक से मानव जीवन में जहां बहुत सारी सुविधायें पैदा हो गयी हैं वहीं इसके अधिक प्रयोग से कुछ गम्भीर नुकसान भी पहुंच रहे हैं। अगर हम इंटरनेट के प्रयोग से सही लाभ उठाना चाहते हैं और हम यह चाहते हैं कि उसके हानिकारक प्रभाव से बचे रहें तो हमें नेट के सही प्रयोग पर ध्यान देना होगा। नेट के सही प्रयोग के लिए हमें समय को ध्यान में रखना चाहिये और स्वयं भी नेट का उतना ही प्रयोग करें जितना ज़रूरी व लाभदायक हो और भूलकर भी अश्लील साइटों की ओर न जायें। महान ईश्वर से संपर्क के लिए हमें दिन में समय विशेष करना चाहिये और अपने अंदर अध्यात्म को मज़बूत करना चाहिये। परिवार में रहने, परिवार के सदस्यों से लेन- देन और उनसे वार्ता करने से निश्चेत न रहें और एक दूसरे के साथ प्रेम के साथ रहकर हमें अपने ईमान में वृद्धि करनी चाहिये। अपने कार्यक्रमों में हमें किताबों, समाचार पत्रों और पत्रिकाओं के अध्ययन को शामिल करना चाहिये। इसी प्रकार मनोरंजन और व्यायाम को भी हमें महत्व देना चाहिये।

नेट का अधिक प्रयोग युवा पीढ़ी करती है इस बात के दृष्टिगत माता- पिता को चाहिये कि वे अपने बच्चों को नेट के सही प्रयोग को बतायें व सिखायें। इसी प्रकार टीवी पर कार्यक्रम प्रसारित करके नेट के नुकसान और फायदों को बताया जा सकता है। दूसरे शब्दों में टीवी के कार्यक्रम नेट के सही प्रयोग की प्रशिक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। दोस्तो आज के कार्यक्रम का समय यहीं पर समाप्त हुआ। अगले कार्यक्रम तक के लिए हमें अनुमति दें। खुदा हाफ़िज़।

 

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