Apr २५, २०२० १४:५० Asia/Kolkata

आज की दुनिया में देशों की तरक़्क़ी और विकास की बुनियाद विज्ञान व प्रौद्योगिकी है।

विज्ञान व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शोध को देशों के आर्थिक , राजनैतिक, सांस्कृतिक, औद्योगिक और राजनैतिक विकास का सबसे अहम तत्व समझा जाता है। अब तक दुनिया में एक भी देश एसा नहीं है जिसने बहुआयामी वैज्ञानिक विकास के बिना आर्थिक व औद्योगिक विकास किया हो। इसलिए हर समाज की वास्तविक ख़ुशहाली व स्वाधीनता की प्राप्ति और स्थायी विकास व तरक़्क़ी के लिए ज़रूरी है कि शोध व प्रौद्योगिकी को प्रेरण देने वाली मूल शक्ति के रूप में प्राथमिकता मिले।

 

ईरान प्राचीन समय से ज्ञान विज्ञान का पालना रहा है। इतिहास की समीक्षा से पता चलता है कि ईरान इतिहास के कई कालखंडों में भौतिकशास्त्र, गणित, चिकित्सा इत्यादि के क्षेत्र में सबसे आगे था और बहुत से विद्वानों को उसने अपने यहां परवान चढ़ाया है। इस समय भी विभिन्न वैज्ञानिक क्षेत्रों में ईरानी विद्वानों और शोधकर्ताओं की मूल्यवान उपलब्धियां सामने आ रही हैं। मिसाल के तौर पर २०१५ में दुनिया में विज्ञान के क्षेत्र में कल प्रगति का १ दश्मलव ५३ फ़ीसद प्रगति ईरान ने की है। इंजीनियरिंग टेक्नालोजी ग्रुप, मेडिकल ग्रुप और फिर कृषि विज्ञान ग्रुप ने ईरान में क्रमानूसार सबसे ज़्यादा  विज्ञान के क्षेत्र में प्रगति की।

 

आटो इम्यून बीमारियां उस समय होती हैं जो जब जिस्म का बीमारियों से लड़ने वाला प्रतिरक्षा तंत्र बाहरी तत्वों के बजाए अपने ही जिस्म के स्वस्थ्य ऊतकों को नुक़सान पहुचाने लगे। आम तौर पर प्रतिरक्षा तंत्र जिस्म की माइक्रोब और इन्फ़ेक्शन से रक्षा करता है।

 

यह बीमारी ज़्यादातर परिवारों में देखी गयी है और इसकी चपेट में आने वालों में ७५ फ़ीसद औरतें होती हैं। इसी तरह अफ़्रीक़ी मूल के अमरीकियों और मूल अमरीकी निवासियों के इस बीमारी से ग्रस्त होने का ख़तरा अधिक देखा गया है।

 

दुनिया के ज़्यादातर देशों की तरह ईरान में भी इस दवा का उत्पादन नहीं होता था। ईरान को यह दवा आयात करनी पड़ती थी लेकिन अब वह इस दवा को बनाने में सक्षम हो गया है और बहुत ही उचित क़ीमत पर बीमारों को मुहैया करता है। ईरान के खाद्य व दवा संगठन के प्रमुख के मुताबिक़ , इस दवा को बनाने की प्रौद्योगिकी तुर्की और मलेशिया को स्थानांतरित करने की संभावना मौजूद है।

 

रूस के  स्वास्थ्य मंत्री ने भी सिनाजेन कंपनी का दौरा किया जहां इस दावा का उत्पादन होता है और भविष्य में इसके निर्यात होने की संभावना बनेगी।

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